❤️जब गुरु का साथ मिलता है तो,जीवन नहीं बदलता, बल्कि दृष्टि बदल जाती है✍️
“जीवन बदलता नहीं, दृष्टि बदल जाती है, गुरु का मिले साथ तो ज़िंदगी बदल जाती है।” मनुष्य अपने लिए एक सुकून भरी जिंदगी चाहता है। इसलिए मनुष्य अक्सर यह सोचता है कि यदि परिस्थितियाँ बदल जाएँ, उसके जीवन के लोग बदल जाएँ,उसका समय बदल जाए या भाग्य साथ देने लगे, तभी उसका जीवन सुंदर बन सकता है। लेकिन अनुभव यह बताता है कि जीवन का वास्तविक परिवर्तन बाहर नहीं, बल्कि आंतरिक होता है। जब देखने का तरीका बदलता है, तब वही जीवन नया सा लगने लगता है। यह मानव प्रवृत्ति है कि वह दुःख को अंत समझ बैठता है, जबकि सच तो यह है कि वही दुःख हमें मजबूत बनाने का माध्यम होता है। कभी किसी की कठोर बातें हमें तोड़ देती हैं, पर समय बीतने पर समझ आता है कि उन्हीं बातों ने हमें आत्मचिंतन सिखाया। संसार वही रहता है, रास्ते वही रहते हैं, लोग भी अधिक नहीं बदलते परन्तु समय के साथ साथ बदलती है तो हमारी दृष्टि,उस अवस्था को देखने का हमारा नजरिया ।हमारा दृष्टिकोण यूं ही नहीं बदलता इस दृष्टि को बदलने का कार्य गुरु वचन करते हैं। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, वह जीवन को देखने की नई आँख देता है। जिससे हमारी सोच हम...